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सपेरा


 एक बार एक सपेरा सड़क पर

जहरीले सांपो के बीच दिखा रहा था कमाल्।

यानि वही पापी पेट का सवाल ।

लोग उसकी बहादुरी पर

रुपया, अठन्नी, चवन्नी, दे रहे थे।

और सस्ते में ही खेल का मजा ले रहे थे।

और वो सपेरा उन जहरीले सांपो को

कभी गले में, कभी बांहो में लेकर घूम रहा था।

और मौत के उन सौदागरों को

महबूबा की तरह चूम रहा था ।

कि अचानक उसके चेहरे पर

मौत का साया मंडराने लगा।

और उसकी ये हालत देखकर

मुझे उस पर बड़ा तरस आने लगा ।

मैने पूछा हे सपेरे भाई।

क्या तुम्हें किसी जहरीले साप ने काट खाया है।

जो तु इत्तना अधिक घबरा रहा है।

वो बोला नहीं बाबु वो सामने से

पुलिस वाला डंडा लिए आ रहा है।

 


 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 
 

 

     
 
 

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