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में फिर से लहराया है

जैसे कर्म करेगा वैसे फल

देगा भगवान

चैन की सांसे लेने दो तुम

गांधी के गुजरात को

ये कश्मीर हमारा है

अंहिसा के पुजारी

स्वर्ण जयती

   

रावण


एक बार मै रामलीला कमेटी का प्रेसीडेन्ट बन गया

और रावण का पुतला खरीदने एक दुकान पर जाकर तन गया

मैने उसे रावण खरीदने की फरमाइश बताई

बोला देखने में तो खुद ही रावण लगते हो भाई

मैने कहा जबान संभाल के बात कर

तू क्या कहना चाहता है कि मै

घर की घर में दशहरा मना लूं

रावण जैसा हूं तो खुद को जला लूँ

अरे जब तेरा रावण ही नही बिकेगा तो तू क्या करेगा

इतनी मंहगाई में भूख से तिलतिल मरेगा

रावण तो कलयुग का सुपरस्टार है

लाखों लोगों को मिलता इससे रोजगार है

देश में हर साल लाखों रावणों में अरबों रुपया फूंका जाता है

लेकिन क्या वास्तव में एक भी रावण मर पाता है

और तू कौन सा राम के वंशज का लगता है

बोल लगता है क्या मेरा तो नाम ही राम भरोसे है

राम भरोसे खाता हूं राम भरोसे गाता हूं

राम भरोसे पीता हूं राम भरोसे जीता हूं

आपकों मेरे नाम की व्याख्या इतनी खल रही है

हमारे देश की तो नैया ही राम भरोसे चल रही है

मैने कहा वाह रे कलयुगी

राम का नाम और रावण बेचने का काम

बोला हम कमाते है इससे दाम

वरना अपना तो जीवन ही हो जाए जाम

मैने कहा वाह रे पेट की आग

तेरे आगे आज सारे ही सिद्धांत सो गये है

क्योंकि आज रावण ही, राम की रोजी रोटी के साधन हो गये है

रावण तो दिन पर दिन बढने वाली एक लम्बी रेखा है

और राम की दुर्गति होते तो आज सारे देश ने देखा है

रामलीलाओं में बड़े से बड़ा रावण बनाने की होड़ लगती है

जितना बड़ा रावण उतनी ही रामलीला बेजोड़ लगती है

रावण का कद उठते उठते 9 फुट से 100 फुट तक बढा है

राम पहले भी 6 फुट का था, और आज भी 6 फुट का ही खड़ा है


 
 

 

     
 
 

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