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देगा भगवान

चैन की सांसे लेने दो तुम

गांधी के गुजरात को

ये कश्मीर हमारा है

अंहिसा के पुजारी

स्वर्ण जयती

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
   

अंहिसा के पुजारी


हम पहले हमला नहीं करेंगें, हमारी सरकार इस बात पर अड़ी रही,

और सेना 10 महीने तक सीमा पर खड़ी रही,

बीच बीच में एक आध बम का गोला छोड़ते रहे,

और हमारे जवान इसे दिवाली के पूर्वाभ्यास से जोड़ते रहे,

जितने दिन हमारे सैनिक सीमा पर घेरा डाले पड़े रहे,

अमेरिका के कान खड़े रहे,

 

जो दिमाग से नही हथियार से लड़ता है वो नादान होता है,

और हर भारतीय स्त्री के लिए उसका पति भगवान होता है,

इसीलिए हैं जवानों के कुछ दिनों की छुटटी लेकर अपने अपने घर जाओ,

ओर करवा चौथ पर अपनी अपनी पत्नियों को दर्शन देकर आओ,

ये लड़ाई झगड़ा तो होता रहेगा, लेकिन दिवाली तो वर्ष भर का त्यौहार होता है,

और बच्चों को तो इस दिन से विशेष प्यार होता है,

तो अपने अपने बच्चों के लिए मिठाई लेकर जाओ,

और परिवार के साथ मिलकर खुशियां मनाओं,

 

लेकिन पाकिस्तान तू ये मत समझना, कि हम यूं ही शांत हो जाएंगे,

कुछ दिन बाद हम पूरा दम लगाकर फिर आएंगें,

लेकिन हथियार नहीं उठाएंगें,

 

बल्कि अपनी सेना को हथियार ना उठाने का आदेश देकर सीमा पर उतारेंगें

क्योकिं हम तो अहिंसा के पुजारी हैं, इसीलिए तुझे डरा डरा के मारेंगें,

सन 47 में जब हम जाग गये थे, अंग्रेज भी तो गांधीजी से डर कर भाग गये थे,

और इसी प्रकार यदि हमारी सेना कुछ दिनो के लिए, चीन की सीमा पर तन जाए,

तो शायद उसका हमारी जमीन वापस करने का मन बन जाए,

 

आखिर भारत विश्व शक्ति है, हर कोई हमसे डरता है,

और जो डरता है, वही तो मरता है,

और जो बंग्लादेशी जबरदस्ती भारत को अपने बाप की जागीर समझकर घुस आए है,

यदि उन सब बेरोजगारों को धर लें, सेना में भरती कर लें,

और उन सब को सीमा पर लिपटा दें, फिर तो वओ बंग्लादेश को खुद ही निपटा दें,

उन्ही का जूता, उन्ही के सर, सेना पर पड़ेगा ना कोई असर,

बंग्ला देश रह जाएगा दंग,

फिर नही आएंगें वहां से हमारे सैनिकों के शव अंग भंग,

 

यदि श्रीलंका की सीमा पर हम अपनी सेना तैनात कर दें,

तो लिटटे वाले सोचेंगे कि अब हम,

रावण के अत्याचारों से मुक्ति पा गए है,

प्रधानमंत्री के रुप में श्रीराम दुबारा अवतार लेकर आ गए है,

हमारे जहाज का अपहरण करवाने वाले नेपाल की सीमा पर,

यदि हम कुछ दिनो के लिए सेना को भेज दें,

तो उसका तो सांस ही फूल जाएगा,

और काठमाण्डू से हवाई जहाज उड़ाना ही भूल जाएगा,

फिर हम उग्रवादियों के सामने हाथ नही जोड़ेंगें,

और अजहर मसूद जैसे आतंकवादियों को,

कंधार में ले जाकर नही छोड़ेंगें,

 

पता नही ये सब पड़ोसी क्यो पहुँचाते हैं भारत की आत्मा को ठेस,

जबकि भारत है एक परमाणु सम्पन्न देश,

लेकिन परमाणु सिर्फ परमाणु नही है,

परमाणु है धरती का विनाश,

जापान में हो चुका इसका अभ्यास,

परमाणु है लाशों का ढेर ,

कभी ना मिटाने वाला अंधेर,

इसीलिए हमने सेना को वापस नही बुलाया है,

बल्कि दुनिया को तबाह होने से बचाया है ।।

बल्कि दुनिया को तबाह होने से बचाया है ।।


 

 

 

 
 

 

     
 
 

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