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गांधी के गुजरात को

ये कश्मीर हमारा है

अंहिसा के पुजारी

स्वर्ण जयती

   

ये कश्मीर हमारा है


गूंज रहा है सारे देश में केवल आज ये नारा है

तुम्हें ना देंगे वो गददारों ये कश्मीर हमारा है,

बहुत दिनों तक ये कश्मीर खून के आंसू रोया है,

आतंकवाद के कारण अब तक एक रात ना सोया है,

मां बहनों की लूटी इज्जत बिधवा उन्हे बनाया है,

जाने कितने अत्याचार करके उन्हे सताया है,

दूर करेंगे सारे मिलकर छाया जो अंधियारा है,

तुम्हें ना देंगे वो गददारों ये कश्मीर हमारा है,

 

क्यो छिपते फिरते घाटी में बदल बदल कर वेशों में,

अगर ना प्यारी भारत माँ तु जाओ अरब के देशों में,

अब जो अगर एक भारतीय मारा लहू तेरा पी जाएंगे,

एक जान के बदले सौ सौ लेकर हम दिखलाएंगें,

खत्म करा दो 370 लगी जो अब तक धारा है,

तुम्हें ना देंगे वो गददारों ये कश्मीर हमारा है,

 

देश के ऐसे दुश्मन से तो अब ना हमें डरना होगा,

47 में हुए जो टुकड़े, उन्हे एक करना होगा,

इतिहासों में एक कहानी और जोड़ दी जाएगी,

कश्मीर की तरफ जो देखा आंख फोड़ दी जाएगी,

स्वर्ग बनाकर सब देवों से  मिलकर इसे उतारा है,

तुम्हें ना देंगे वो गददारों ये कश्मीर हमारा है,

 

नही मिलेगा पानी तुमको, तड़प तड़प मर जाओगे,

अपनी काली करतूतों से, बाज नही जो आओगे,

रामचन्द्र कह गए सिया से ऐसा कलयूग आएगा,

तू क्या जीतेगा भारत को, खुद मिटटी में मिल जाएगा,

सिर्फ धरती का स्वर्ग ना समझों निज आंखों का तारा है,

तुम्हें ना देंगे वो गददारों ये कश्मीर हमारा है ॥


 

 

 

 
 

 

     
 
 

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